বুধবার, ২৬ জুন ২০১৯
Friday, 26 Apr, 2019 12:44:21 pm
No icon No icon No icon

फिर भी देश वह सब है

//

फिर भी देश वह सब है


लेखक: जहाँगीर हुसैन (पूर्व सेना अधिकारी)
मातृभूमि और देश की बात
भले ही यह दिल से बहुत दूर है
आनंद लें कि चमक क्या आनंद लेती है
विदेशों में क्या होगा?
आधुनिकता में कितने हैं
मातृ की तरह क्या पाया जा सकता है

चिकन फ्राइज़ और सैंडविच का स्वाद
जीभ का स्वाद लेकिन देश का स्वाद, लेकिन देश का स्वाद।

पॉप गाने बग्गी हिप हॉप धुन हैं
क्या आप ग्रामीण संस्कृति के बारे में सोचते हैं?

डिस्को या पार्टी कितनी है
पाई का स्वाद क्या है?

पश्चिमी जीवन में कितने मित्र आते हैं
देश का मित्र हर पल है।

कितनी तकनीक की व्यवस्था है
देश का आत्मविश्वास कम नहीं होता है।

शैली, मातृभूमि, आपके पक्ष में पैदा हुई
मुझे आपकी तरफ, बार-बार होना चाहिए।

এই রকম আরও খবর




Editor: Habibur Rahman
Dhaka Office : 149/A Dit Extension Road, Dhaka-1000
Email: [email protected], Cell : 01733135505
[email protected] by BDTASK